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‘मैंने मार्गदर्शी को हर किसी से ऊपर रखा, यहां तक पति और बच्चों से भी’, MD शैलजा किरण ने कंपनी से अपने जुड़ाव को साझा किया

एमडी चेरुकुरी शैलजा किरण ने कहा, सिर्फ पुरुष ही बिजनेस संभाल सकते हैं, यह परंपरा बदल रही है; महिलाएं बिजनेस में आगे बढ़ रही हैं.

हैदराबाद : मार्गदर्शी चिट फंड की मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) चेरुकुरी शैलजा किरण हैदराबाद के माधापुर में जुबली एन्क्लेव में हुए ‘A Cup of Coffee with CEO’ इवेंट में चीफ गेस्ट के रूप में शामिल हुईं. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास स्पष्ट लक्ष्य और उसे हासिल करने का दृढ़ संकल्प हो, तो वह किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकता है.

इस अवसर पर, एमडी चेरुकुरी शैलजा किरण ने ‘मार्गदर्शी’ के साथ अपने जुड़ाव और इस संगठन के साथ अपने सफर की शुरुआत के बारे में चर्चा की. उन्होंने युवा महिलाओं को ऐसे जीवनसाथी चुनने की सलाह दी जो उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्रों में आगे बढ़ने की आजादी दें.

उन्होंने याद किया कि कैसे रामोजी गुप के संस्थापक रामोजी राव ने गणित के प्रति उनके शुरुआती डर के बावजूद, उन्हें मार्गदर्शी के मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी. चेरुकुरी शैलजा किरण ने इस बात पर जोर दिया कि यह उनकी लगन और बिजनेस को आगे बढ़ाने में उनकी गहरी रुचि ही थी, जिसने उन्हें सफलता की ओर प्रेरित किया.

चेरुकुरी शैलजा किरण ने बताया, “मीटिंग में मेरे बगल में बैठे चेयरमैन (रामोजी राव गारू) ने ऐलान किया कि वह मुझे मार्गदर्शी का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाने जा रहे हैं. उस समय मैं 27 साल की थी. मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था. उसी दिन, मैंने मार्गदर्शी को अपने जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का फैसला कर लिया – इसे हर किसी से ऊपर रखा. मेरे पति और बच्चे भी मार्गदर्शी के बाद ही आते थे. ऐसा इसलिए था क्योंकि मैं आम लोगों के धन (public funds) का प्रबंधन कर रही थी और उसके प्रति मेरी पूरी जवाबदेही थी; इसलिए, मैं इस मामले में कुछ ज्यादा सतर्क रही.”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे यह कहने के लिए कृपया माफ करें, लेकिन कई लोगों का मानना है कि महिलाएं बड़े काम के बोझ को नहीं संभाल सकतीं, भले ही वे महिलाओं को घर की जिम्मेदारियां संभालने का पूरा क्रेडिट आसानी से दे देते हैं, यह मानकर कि सिर्फ महिलाएं ही घर की देखभाल कर सकती हैं. लंबे समय से एक परंपरा रही है कि बिजनेस सिर्फ पुरुषों का क्षेत्र है. हालांकि, अब यह बदल रहा है; महिलाएं भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.”

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