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नैनीताल की कॉलोनी में गिरा विशाल बोल्डर, कार का निकला कचूमर, गुस्साए लोगों ने किया चक्का जाम

नैनीताल के बलिया नाला क्षेत्र स्थित कृष्णापुर में बहुत बड़ा बोल्डर आबादी वाले इलाके में गिर गया, इसकी चपेट में आकर कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए

नैनीताल: बलिया नाला क्षेत्र के कृष्णापुर में सोमवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. देर रात आबादी वाले इलाके में एक बड़ा बोल्डर नीचे गिर गया. बोल्डर की चपेट में आकर एक कार और कई दोपहिया वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. गनीमत रही कि बोल्डर देर रात गिरा. अगर दिन में ये घटना हुई होती तो बड़ी मानव हानि हो सकती थी. बोल्डर गिरने की घटना से स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए. उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया. एसडीएम को मौके पर जाना पड़ा.

नैनीताल में पहाड़ से गिरा बोल्डर: नैनीताल के बलिया नाला क्षेत्र से लगे कृष्णापुर इलाके में देर रात एक बड़ा बोल्डर टूटकर आबादी वाले क्षेत्र में गिर गया. इससे एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई साथ ही कई मोटर साइकिल और स्कूटी भी उसकी चपेट में आ गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के दौरान कई लोग बोल्डर की चपेट में आने से बचे. घटना के बाद से अब स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है.

स्थानीय निवासियों ने किया प्रदर्शन: देर रात प्रशासन की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में रह रहे अनेक परिवारों को दूसरे स्थान पर विस्थापित किया ताकि रात को किसी प्रकार की बड़ी घटना से बचा जा सके. वहीं घटना के दूसरे दिन जब प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी कर हल्द्वानी रोड पर चक्का जाम कर दिया. इससे काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा.

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप: स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस बोल्डर के खतरे की ओर प्रशासन का ध्यान दिलाया जा रहा था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. सोमवार रात बोल्डर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर आबादी के करीब पहुंच गया, जिससे एक कार और कई दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. बोल्डर का शेष हिस्सा अब भी खतरनाक स्थिति में लटका हुआ है, जिससे आसपास के घरों पर खतरा मंडरा रहा है.

लापरवाही से नाराज हैं स्थानीय लोग: हादसे के बाद रात में तहसीलदार और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर खतरे की जद में आ रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया. विस्थापित लोगों ने पूरी रात गुफा महादेव मंदिर की धर्मशाला में गुजारी. आरोप है कि प्रशासन ने भोजन और पानी की व्यवस्था का आश्वासन तो दिया, लेकिन मंगलवार सुबह 10 बजे तक भी कोई राहत सामग्री नहीं पहुंची. सुबह से ही परेशान लोग घटनास्थल पर जुटने लगे. वहां न तो बोल्डर की रोकथाम के लिए कोई कार्य होता दिखा और न ही वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

प्रदर्शन होते देख एसडीएम मौके पर पहुंचे: मौके पर केवल एक पटवारी को देख लोगों का धैर्य जवाब दे गया. काफी इंतजार के बाद जब कोई ठोस पहल नहीं दिखी, तो लोगों ने मुख्य सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया. प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम नवाजिश खालिक मौके पर पहुंचे और लोगों से वार्ता की. क्षेत्रवासियों ने तत्काल बोल्डर को सुरक्षित ढंग से हटाने, स्थायी रोकथाम के उपाय करने, वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था और विस्थापित परिवारों के लिए भोजन-पानी सहित जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग रखी.

एसडीएम ने सिंचाई विभाग को दिए जरूरी निर्देश: एसडीएम ने आश्वासन दिया कि सिंचाई विभाग को तुरंत बोल्डर रोकथाम के कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं. साथ ही वैकल्पिक मार्ग और राहत व्यवस्था भी शीघ्र सुनिश्चित की जाएगी. आश्वासन के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया. इसके बाद एसडीएम ने स्वयं मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में भू-धंसाव और बोल्डर गिरने जैसी घटनाओं के प्रति प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है.

विधायक के खिलाफ भी क्षेत्रवासियों ने किया प्रदर्शन: घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद भी क्षेत्रीय विधायक के मौके पर न पहुंचने से नाराज स्थानीय लोगों ने विधायक सरिता आर्या के खिलाफ प्रदर्शन किया. स्थानीय लोगों का कहना है चुनाव के दौरान विधायक वोट मांगने आ जाती हैं, मगर जिस समय स्थानीय लोगों के सामने परेशानी खड़ी है, तो विधायक उनकी अनदेखी कर रही हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द उनके घरों की सुरक्षा और उनके क्षेत्र में सड़क बनाने की मांग की है.

स्थानीय निवासी लीला बोरा ने बताया कि-

हमारे क्षेत्र की स्थिति ग्रामीण क्षेत्र से भी बदतर है. 24 घंटे बीत जाने के बावजूद भी कोई अधिकारी उनकी समस्या जानने नहीं आया. जब उन्होंने प्रदर्शन किया तो एसडीएम मौके पर पहुंचे. हमारे लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई. जिन लोगों को घरों से विस्थापित किया, उन लोगों को आश्वासन दिया था कि खाने पीने की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन अब तक कोई सुविधा नहीं मिली.
-लीला बोरा, स्थानीय निवासी-

क्षेत्रीय निवासी मुन्नी रौतेला ने बताया कि-

बोल्डर गिरने के बाद से हमारे घरों को खतरा उत्पन्न हो गया है. प्रशासन हमारी सुध नहीं ले रहा है. हमारे पास आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है. स्कूल आने जाने वाले बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हमारी समस्या के लिए ना तो विधायक आईं ना ही नगर पालिका अध्यक्ष आए.
-मुन्नी रौतेला, स्थानीय निवासी-

सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर स्थानीय निवासी गिरीश जोशी बताते हैं कि-

कार्य के दौरान लापरवाही हुई. क्षेत्र में लगातार वाइब्रेशन उत्पन्न हो रहा है, जिससे पहाड़ कमजोर हो रहे हैं. पुराने घरों की बुनियाद तक हिल रही है. विभाग द्वारा की जा रही ड्रिलिंग के चलते क्षेत्र में अब बड़ा खतरा उत्पन्न हो रहा है.
-गिरीश जोशी, स्थानीय निवासी-

नैनीताल के एसडीएम नवाजिश खालिक ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि-

कृष्णापुर वार्ड क्षेत्र में पत्थर टूटने से उसका एक हिस्सा गिरा, जिससे लोगों को खतरा उत्पन्न हुआ. स्थानीय लोगों के साथ वार्ता की गई. उन्हें सुरक्षात्मक कार्यों की बारे में जानकारी दी है. जो पत्थर के ठीक नीचे परिवार रह रहे हैं, उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से दूसरे स्थान पर विस्थापित किया गया है. इसके अलावा क्षतिग्रस्त पत्थर में जाल लगाने की व्यवस्था की जा रही है. स्थानीय लोगों की मांग के आधार पर दो वैकल्पिक मार्गो की व्यवस्था की है.
-नवाजिश खालिक, एसडीएम, नैनीताल-

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