रुद्रप्रयाग में चाइल्ड हेल्पलाइन ने बाल विवाह रुकवाया, अब 18 साल की उम्र में होगी शादी

पौड़ी जिले के कोटद्वार से रुद्रप्रयाग के एक गांव में बारात आई थी, चाइल्ड हेल्पलाइन को बाल विवाह होने की शिकायत मिली थी
रुद्रप्रयाग: जनपद के जखोली विकासखंड अंतर्गत एक गांव में मंगलवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित एवं सख्त कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका का विवाह रुकवा दिया. समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बालिका को बालिका वधू बनने से बचा लिया गया और बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई गई.
रुद्रप्रयाग में होने जा रहा था बाल विवाह: प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 मई को अपरान्ह करीब 3 बजे 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना प्राप्त हुई कि रुद्रप्रयाग जिले के एक गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी की तैयारी चल रही है. पौड़ी जनपद के कोटद्वार क्षेत्र से बारात आने वाली है. सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला बाल कल्याण समिति एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया.
चाइल्ड हेल्पलाइन ने बाल विवाह रुकवाया: गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाम लगभग 7 बजे मौके पर पहुंचकर विवाह की प्रक्रिया को रोक दिया. इस दौरान विवाह स्थल पर मौजूद लोगों द्वारा टीम पर दबाव बनाने एवं प्रलोभन देने के प्रयास भी किए गए, किन्तु टीम ने पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ कानून का पालन सुनिश्चित करते हुए बाल विवाह को सफलतापूर्वक निरस्त कर दिया.
बैरंग लौटी कोटद्वार से आई बारात: अधिकारियों द्वारा मौके पर ही दोनों पक्षों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है. इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित सभी व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप पौड़ी जनपद के कोटद्वार से आई बारात को रात 10 बजे बिना विवाह संपन्न हुए ही वापस लौटना पड़ा.
बालिका के 18 साल पूरे होने पर होगी शादी: इसके उपरांत टीम द्वारा दोनों पक्षों की लगभग तीन घंटे तक काउंसलिंग की गई, जिसके पश्चात वर एवं वधू पक्ष ने लिखित रूप से सहमति दी कि बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही विवाह संपन्न कराया जाएगा. इस सराहनीय कार्रवाई में चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक, जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी, जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यों तथा पुलिस विभाग के कार्मिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
जिलाधिकारी ने बाल विवाह से बचने की अपील की: जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए संबंधित टीम को बधाई दी तथा निर्देशित किया कि जनपद में बाल विवाह के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को निरंतर प्रभावी रूप से संचालित किया जाए. वहीं, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने भी संयुक्त कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध प्रशासन एवं पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा.
बच्चियों की शिक्षा पर ध्यान देने की अपील: जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनकी शादी विधिक आयु पूर्ण होने के बाद ही करें तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करें.
