अपराधउत्तर प्रदेशसोशल मीडिया वायरल

Lalkuan: तौल विवाद में इंचार्ज की पिटाई के बाद बवाल, 11 गेट किए बंद

गौला नदी के देवरामपुर निकासी गेट पर रविवार को बिना तौल डंपर ले जाने को लेकर गेट इंचार्ज और खनन व्यवसायी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। विकास निगम कर्मचारियों ने लालकुआं से हल्द्वानी तक  11 गेटों से निकासी बंद कर दी।

गौला नदी से बगैर तौल के डंपर ले जाने पर देवरामपुर गेट पर गेट इंचार्ज और खनन व्यवसायी के बीच रविवार को हुई तीखी बहस मारपीट में बदल गई। आरोप है कि खनन व्यवसायी ने गेट इंचार्ज सौरभ मराठा को पीटने के साथ ही वीडियो बनाते वक्त उनका मोबाइल तोड़ दिया। घटना से नाराज वन विकास निगम कर्मचारियों ने लालकुआं से हल्द्वानी तक सभी 11 गौला निकासी गेटों से निकासी बंद कर दी। घटना के बाद मौके पर भारी फोर्स पहुंच गई।

रविवार सुबह देवरामपुर गौला निकासी गेट पर बगैर तौल के करीब एक दर्जन वाहन नदी में प्रवेश कर गए। सूचना मिलने पर गेट इंचार्ज सौरभ मराठा मौके पर पहुंचे और वाहन स्वामियों को दोबारा तौल कराने के निर्देश दिए। खनन व्यवसायियों ने बताया कि कांटे में खराबी के कारण तौल दर्ज नहीं हो पाई। गेट इंचार्ज ने भरी गाड़ियों को खाली कर फिर तौल के आदेश दिए तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी बीच एक व्यवसायी ने उनको पीट दिया। इस दौरान वीडियो बना रहे गेट इंचार्ज का मोबाइल भी तोड़ दिया।

घटना के बाद वन निगम कर्मचारियों ने पहले देवरामपुर और फिर लालकुआं से शीशमहल तक सभी गेटों पर कामकाज ठप कर दिया। मौके पर पुलिस, वन विभाग और वन निगम के अधिकारी पहुंच गए। कोतवाली में कई कारोबारियों ने समझौते की पहल की। नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी, व्यापार मंडल अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट समेत कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इधर देवरामपुर गौला निकासी गेट के अध्यक्ष भगवान धामी ने कहा कि मारपीट की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन विवाद की मुख्य वजह कांटे में आई खराबी रही है। इस कारण वाहनों का वजन कंप्यूटर में दर्ज नहीं हो पाया और मामला बढ़ गया। गौला खनन संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद जोशी ने मारपीट की घटना की निंदा की है।

Related Articles

Back to top button