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क्या आप भी यूं ही फेंक देते हैं Airplane Tag? छिपी होती है खुफिया जानकारी, हमेशा इस तरह फाड़ें

फ्लाइट से ट्रैवल करने के दौरान आपके चेक-इन लगेज के साथ एक टैग अटैच किया जाता है. हम इस टैग को ट्रैवल करने के बाद यूं ही उखाड़ कर फेंक देते हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि इस टैग में आपकी सेंसिटिव जानकारी छिपी होती है.
ट्रैवल करते समय एयरपोर्ट पर चेक-इन लगेज के साथ जो छोटा सा पेपर टैग अटैच किया जाता है. उसे हम ज्यादातर लोग फ्लाइट उतरते ही उखाड़कर कूड़े में फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये मामूली लगने वाला टैग आपकी काफी सेंसिटिव और पर्सनल जानकारी छिपाए रखता है?
कई ट्रैवलर्स अब इस बात से सतर्क हो रहे हैं कि इसे यूं ही फेंकना कितना खतरनाक हो सकता है. आइए जानते हैं पूरा सच और कैसे इसे सही तरीके से डिस्पोज करना चाहिए.
क्या होता है टैग पर?
एयरलाइन लगेज टैग पर सबसे ऊपर आपका नाम (ज्यादातर लास्ट नेम या इनिशियल्स), फ्लाइट नंबर, डेस्टिनेशन एयरपोर्ट कोड (जैसे DEL, BOM), और सबसे महत्वपूर्ण– एक यूनिक 10-डिजिट लाइसेंस प्लेट नंबर (LPN)। ये LPN बारकोड में एन्कोडेड होता है. बारकोड स्कैन करने पर एयरलाइन के इंटरनल सिस्टम से जुड़ता है, जहां आपका पैसेंजर नेम रिकॉर्ड (PNR) स्टोर होता है. PNR वो 6-कैरेक्टर कोड है जो आपकी पूरी बुकिंग से जुड़ा होता है. इसमें ट्रैवल डेट्स, सीट नंबर, फ्रीक्वेंट फ्लायर डिटेल्स, कभी-कभी ईमेल या फोन नंबर भी लिंक हो सकता है.
एयरलाइन लगेज टैग पर सबसे ऊपर आपका नाम (ज्यादातर लास्ट नेम या इनिशियल्स), फ्लाइट नंबर, डेस्टिनेशन एयरपोर्ट कोड (जैसे DEL, BOM), और सबसे महत्वपूर्ण– एक यूनिक 10-डिजिट लाइसेंस प्लेट नंबर (LPN)। ये LPN बारकोड में एन्कोडेड होता है. बारकोड स्कैन करने पर एयरलाइन के इंटरनल सिस्टम से जुड़ता है, जहां आपका पैसेंजर नेम रिकॉर्ड (PNR) स्टोर होता है. PNR वो 6-कैरेक्टर कोड है जो आपकी पूरी बुकिंग से जुड़ा होता है. इसमें ट्रैवल डेट्स, सीट नंबर, फ्रीक्वेंट फ्लायर डिटेल्स, कभी-कभी ईमेल या फोन नंबर भी लिंक हो सकता है.
हो सकता है खतरा
कई एक्सपर्ट्स और ट्रैवल ब्लॉग्स ने चेतावनी दी है कि फेंके गए टैग उठाकर स्कैमर इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, कोई बदमाश एयरपोर्ट के बैगेज क्लेम एरिया में पड़ा टैग उठाता है, उसका बारकोड स्कैन करके PNR निकालता है और फिर फर्जी क्लेम फाइल करता है– जैसे बैग मिसिंग का क्लेम करके पैसे ऐंठना. कुछ केस में ट्रैवल इटिनरेरी चुराकर फ्रॉड किया गया है. हालांकि क्रेडिट कार्ड डिटेल्स डायरेक्ट नहीं होतीं लेकिन PNR से काफी जानकारी एक्सेस हो सकती है अगर कोई एयरलाइन सिस्टम में घुसपैठ कर ले या सोशल इंजीनियरिंग यूज करे. एविएशन एक्सपर्ट अमित मित्तल जैसे लोगों ने स्पष्ट किया है कि बारकोड में क्रेडिट कार्ड जैसी जानकारी नहीं होती, बल्कि ये सिर्फ LPN है जो डेटाबेस पॉइंटर की तरह काम करता है.
कई एक्सपर्ट्स और ट्रैवल ब्लॉग्स ने चेतावनी दी है कि फेंके गए टैग उठाकर स्कैमर इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, कोई बदमाश एयरपोर्ट के बैगेज क्लेम एरिया में पड़ा टैग उठाता है, उसका बारकोड स्कैन करके PNR निकालता है और फिर फर्जी क्लेम फाइल करता है– जैसे बैग मिसिंग का क्लेम करके पैसे ऐंठना. कुछ केस में ट्रैवल इटिनरेरी चुराकर फ्रॉड किया गया है. हालांकि क्रेडिट कार्ड डिटेल्स डायरेक्ट नहीं होतीं लेकिन PNR से काफी जानकारी एक्सेस हो सकती है अगर कोई एयरलाइन सिस्टम में घुसपैठ कर ले या सोशल इंजीनियरिंग यूज करे. एविएशन एक्सपर्ट अमित मित्तल जैसे लोगों ने स्पष्ट किया है कि बारकोड में क्रेडिट कार्ड जैसी जानकारी नहीं होती, बल्कि ये सिर्फ LPN है जो डेटाबेस पॉइंटर की तरह काम करता है.
फोन नंबर कर सकते हैं एक्सेस
आम आदमी स्मार्टफोन से स्कैन करके ज्यादा कुछ नहीं देख पाएगा, लेकिन प्रोफेशनल स्कैमर टूल्स से PNR निकाल सकते हैं. साथ ही, अगर आपने टैग पर अपना फोन नंबर, एड्रेस या होम एड्रेस लिखा है (जो कई लोग करते हैं), तो वो डायरेक्ट प्राइवेसी रिस्क है– आइडेंटिटी थेफ्ट, स्टॉकिंग या फिशिंग अटैक की शुरुआत हो सकती है. तो क्या करें? सबसे अच्छा तरीका है टैग को फेंकने से पहले उसे सही से डिस्ट्रॉय करना. कई सोर्सेज सलाह देते हैं कि बारकोड को वर्टिकली (खड़े तरीके से) फाड़ दें, ताकि बारकोड लाइनें टूट जाएं और स्कैन ना हो सके. इससे जानकारी अनरेडेबल हो जाती है. कुछ लोग इसे पूरी तरह काटकर या जला देते हैं. अगर पर्सनल टैग (जिसमें आपका कॉन्टैक्ट डिटेल्स लिखा है) है, तो उसे अलग से फाड़ें या ब्लैक मार्कर से काट दें.
आम आदमी स्मार्टफोन से स्कैन करके ज्यादा कुछ नहीं देख पाएगा, लेकिन प्रोफेशनल स्कैमर टूल्स से PNR निकाल सकते हैं. साथ ही, अगर आपने टैग पर अपना फोन नंबर, एड्रेस या होम एड्रेस लिखा है (जो कई लोग करते हैं), तो वो डायरेक्ट प्राइवेसी रिस्क है– आइडेंटिटी थेफ्ट, स्टॉकिंग या फिशिंग अटैक की शुरुआत हो सकती है. तो क्या करें? सबसे अच्छा तरीका है टैग को फेंकने से पहले उसे सही से डिस्ट्रॉय करना. कई सोर्सेज सलाह देते हैं कि बारकोड को वर्टिकली (खड़े तरीके से) फाड़ दें, ताकि बारकोड लाइनें टूट जाएं और स्कैन ना हो सके. इससे जानकारी अनरेडेबल हो जाती है. कुछ लोग इसे पूरी तरह काटकर या जला देते हैं. अगर पर्सनल टैग (जिसमें आपका कॉन्टैक्ट डिटेल्स लिखा है) है, तो उसे अलग से फाड़ें या ब्लैक मार्कर से काट दें.



