उत्तराखंड

“ओवरसीज रोजगार पर फोकस: उत्तराखंड के युवाओं को मिलेगा वैश्विक अवसर”

उत्तराखंड में युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने की दिशा में बड़ा कदम — मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कौशल विकास की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

देहरादून, 8 अक्टूबर 2025 — उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आज सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य सचिव ने प्रदेश के युवाओं को विदेशों में भी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए।


🔷 प्रमुख बिंदु:

विदेशी नौकरियों पर फोकस

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि युवाओं को प्रदेश के भीतर ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों और विदेशों में भी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट सेल और पैनलबद्ध भर्ती एजेंसियों के माध्यम से विदेशों में नौकरियों के लिए प्रयास किए जाएं।

स्किल गैप असेसमेंट और नया प्रशिक्षण

प्रदेशभर में स्किल गैप असेसमेंट (Skill Gap Assessment) कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नर्सिंग, टूर गाइड्स और वाइल्ड लाइफ गाइड्स जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि ‘हैंड होल्डिंग’ यानी मार्गदर्शन और समर्थन भी दिया जाना चाहिए।

विदेश जाने वालों के लिए विशेष ट्रेनिंग

मुख्य सचिव ने कहा कि जो युवा विदेशों में नौकरी के लिए इच्छुक हैं, उन्हें इंटेंसिव (गहन) प्रशिक्षण के साथ-साथ विदेशी भाषाओं की सामान्य बातचीत का प्रशिक्षण भी अनिवार्य रूप से दिया जाए, ताकि उन्हें वहां भाषा की समस्या न हो।


📊 अब तक की उपलब्धियाँ

बैठक में सचिव श्री सी. रविशंकर ने बताया कि:

  • ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट सेल का गठन किया जा चुका है।

  • अब तक 63 युवाओं को जापान और सऊदी अरब में रोजगार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है।

  • सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से 351 युवाओं को प्रशिक्षण मिला, जिनमें से 315 को प्लेसमेंट भी मिल चुका है।

  • वर्तमान में 169 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।


👥 उपस्थित अधिकारी

इस समीक्षा बैठक में सचिव सी. रविशंकर समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


📌 निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार का यह कदम न केवल स्थानीय बेरोजगारी को कम करेगा, बल्कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। सरकार द्वारा लिए गए ये निर्णय उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

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