देश-विदेश

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में योग दिवस की वैश्विक सफलता को बताया ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री ने विशाखापत्तनम से लेकर हिमालय तक योग की व्यापकता का किया उल्लेख

पीएम मोदी ने गिनाई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की उपलब्धियां

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 123वें संस्करण में देशवासियों से संवाद करते हुए योग दिवस की वैश्विक सफलता, आपातकाल की भयावह यादें, सामाजिक सुरक्षा के बढ़ते दायरे, देशभर में चल रहे सांस्कृतिक और खेल आयोजनों की चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए आम नागरिकों की प्रेरणादायक पहल और पूर्वोत्तर भारत की खासियतों को भी उजागर किया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की भव्य झलकियां
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार योग दिवस की भव्यता देश के हर कोने और दुनिया के कई देशों में देखने को मिली। विशाखापत्तनम में तीन लाख लोगों ने एकसाथ योग किया, वहीं 2000 से अधिक आदिवासी छात्रों ने 108 मिनट तक सूर्य नमस्कार किए। हिमालय की ऊंचाइयों से लेकर नौसेना के जहाजों तक योग के प्रति समर्पण दिखा।

आपातकाल की काली छाया और लोकतंत्र की जीत
पीएम मोदी ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर उस दौर को याद किया जब संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने संघर्ष कर लोकतंत्र को पुनर्जीवित किया, और वह दौर देश के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

सामाजिक सुरक्षा में जबरदस्त विस्तार
प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत के 95 करोड़ नागरिक किसी न किसी सामाजिक सुरक्षा योजना से लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि 2015 में यह संख्या सिर्फ 25 करोड़ थी। उन्होंने इसे ‘समावेशी विकास’ की दिशा में बड़ा कदम बताया।

बोडोलैंड में खेल के माध्यम से बदलाव
असम के बोडोलैंड में आयोजित CEM Cup फुटबॉल टूर्नामेंट में 70 हजार खिलाड़ियों की भागीदारी को पीएम ने सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक बताया। उन्होंने खिलाड़ियों को नई पीढ़ी की प्रेरणा बताया, जो अब देश के मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

पूर्वोत्तर और पर्यावरण पर विशेष फोकस
मेघालय के ‘एरी सिल्क’ को जीआई टैग मिलने को सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता बताया गया। वहीं, ‘सिंदूर वन’ और पुणे के रमेश खरमाले जैसे लोगों के प्रयासों को पर्यावरण के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया, जो समाज को स्वेच्छा से हरियाली की ओर मोड़ रहे हैं।

तीर्थ यात्राओं की आध्यात्मिक और सामाजिक भूमिका
प्रधानमंत्री ने धार्मिक यात्राओं को सेवा, अनुशासन और एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने रथयात्रा जैसे आयोजनों में लगे सेवा कार्यकर्ताओं की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहल
भगवान बुद्ध के अवशेषों को वियतनाम भेजने की घटना को उन्होंने भारत और वियतनाम के सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की यह पहल दुनियाभर में सम्मान और विश्वास बढ़ा रही है।

डॉक्टरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को सलाम
पीएम मोदी ने 1 जुलाई को मनाए जाने वाले डॉक्टर दिवस और सीए दिवस पर इन पेशों से जुड़े लोगों का आभार जताया और उन्हें समाज के मजबूत स्तंभ बताया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button