आदि कैलाश और मुनस्यारी के बाद अब दारमा में खुले पर्यटन के द्वार

उत्तराखंड: दो माह मार्ग बंद होने से अलग-थलग पड़ी दारमा घाटी में अब पर्यटन के द्वार खुल चुके हैं। मार्ग खुलने के साथ ही पर्यटक दारमा जाकर पंचाचूली ग्लेशियर बेस कैंप तक पहुंचने लगे हैं। आदि कैलास और मुनस्यारी के बाद अब दारमा मार्ग पर भी पर्यटकों की चहल-पहल होने लगी है।
उच्च हिमालयी दारमा घाटी में पंचाचूली ग्लेशियर सर्वाधिक आकर्षक स्थल है। जहां पर जीरो प्वाइंट तक पर्यटक पहुंचते हैं। यहां तक पहुंचना बेहद रोमांचक माना जाता है और पंचाचूली की हिमरेखा तक पहुंचना अपने आप में एक अलौकिक आनंद की अनुभूति कराता है। पंचाचूली ग्लेशियर बेस कैंप तक पहुंचने के लिए इनर लाइन परमिट की औपचारिकता नहीं होने से यहां तक पहुंचना सबसे अधिक सरल है।
इसका आकर्षण ऐसा है कि दारमा तक मार्ग बनने के बाद सबसे अधिक पर्यटक यहां पहुंचने लगे थे। दारमा घाटी ही जिले की पहली उच्च हिमालयी घाटी है जो सड़क मार्ग से जुड़ी। सड़क मार्ग से जुड़ते ही यहां पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी।



