पिथौरागढ़ में उत्पादित होने वाले शहद की ब्रांडिंग अब डाबर इंडिया कंपनी करेगी

उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में उत्पादित होने वाले शहद की ब्रांडिंग अब डाबर इंडिया कंपनी (Dabur India Company) करेगी। उत्पादन हिमालयन शहद के नाम से बाजार में लाया जायेगा। इसके लिए कंपनी ने जिले के गंगासेरी गांव में पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। कंपनी शहद उत्पादन के लिए तकनीकी ज्ञान और विभिन्न सामग्री शहद उत्पादकों को उपलब्ध करायेगी।
सहयोगी संस्था कुर्मांचल सेवा समिति ने गंगासेरी और आसपास के छह गांवों को हनी कलस्टर के रूप में विकसित करने का खाका खींचा है। यह क्षेत्र जिले के शहद उत्पादक क्षेत्र के रूप में पहचान रखता है। इस क्षेत्र के उत्पादित होने वाले शहद को अब डाबर कंपनी बाजार में उतारेगी। कंपनी ने गांव में शहद उत्पादकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया।
डाबर कंपनी (Dabur India) के प्रधान वैज्ञानिक सुरेंद्र भगत ने कंपनी द्वारा सामुदायिक विकास के लिए देशभर में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश के साथ ही दुनिया भर में आर्गेनिक शहद की मांग तेजी से बढ़ रही है। उत्पादकों को अच्छा मुनाफा हो रहा है। हिमालयी क्षेत्र में शहद उत्पादन को बढ़ाने के लिए डाबर इंडिया ने ठोस पहल शुरू कर दी है।
मुख्य प्रशिक्षक हरीश जोशी ने मौन पालकों को मधुमक्खी के विकासक्रम की जानकारी दी। जीवन चक्र, बकछूट की स्थिति, मधुमक्खी पकड़ने के तरीके, बाक्स खोलने, शहद का शोधन, पैकेजिंग आदि का प्रदर्शन कर विस्तार से जानकारी दी। कंपनी की ओर से उत्पादकों को मौन बाक्स वितरित किये गये।
इस अवसर पर आयोजक संस्था के प्रकाश पांडे, प्रशिक्षक हीरा सिंह मेहता, नंदन पांडेय, कुर्मांचल सेवा समिति के अध्यक्ष उमेश बिष्ट सहित तमाम लोग मौजूद रहे।



