देहरादून में गर्मी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड

प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने से वर्षा का क्रम थमा हुआ है। ऐसे में चटख धूप खिलने से पारा लगातार चढ़ने लगा है। ज्यादातर मैदानी क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी बेहाल कर रही है और भादों में जेठ जैसा मौसम हो गया है। इस गर्मी के बीच हल्की बौछारें पड़ने की संभावना व्यक्त की गई है।
प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना हुआ है। हालांकि, कुमाऊं के ज्यादातर क्षेत्र और गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्र में हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज की जा रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, आज नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। अन्य जिलों में आंशिक रूप से बादल छाये रहने से लेकर आसमान साफ रह सकता है। आगामी नौ से 12 सितंबर के बीच प्रदेश में कहीं-कहीं भारी वर्षा के आसार हैं।
बुधवार को दून में पारे ने नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। 23 वर्ष में सितंबर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, दून में आल टाइम रिकॉर्ड वर्ष 1974 में दर्ज किया गया था। बुधवार को दून समेत प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में चटख धूप खिलने से भीषण गर्मी महसूस की गई। दून का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि बीते 23 वर्ष में सितंबर में सर्वाधिक तापमान है।
इससे पहले केवल वर्ष 2020 में पारा 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अगस्त के अंतिम सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ने के बाद दून समेत प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में चटख धूप खिल रही है। जिससे पारा लगातार चढ़ रहा है और गर्मी से जनजीवन प्रभावित है। बीते एक सप्ताह के भीतर प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में तापमान में दो से छह डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है।



