उत्तराखंड

श्री मणिकांत मिश्रा, कमांडेंट SDRF ने लक्सर जलभराव क्षेत्र में ऑन ग्राउंड सम्भाली राहत एवं बचाव कार्यों की कमान

उत्तराखण्ड राज्य में विगत दिनों से हो रही भारी वर्षा से नदियों का जलस्तर निरंतर बढ रहा है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। इन विकट परिस्थितियों में समस्त राज्य में SDRF टीमो को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

वहीं जनपद हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में सोनाली नदी का बंधा टूटने से समस्त लक्सर क्षेत्र जलभराव की चपेट में आ गया है। विगत दिन SDRF फ्लड रेस्क्यू टीम द्वारा लक्सर क्षेत्र के आदर्श कॉलोनी, मेन बाजार, बसेड़ी रोड़ में फंसे हुए कई लोगों को राफ्ट की सहायता से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया है। इसके अतिरिक्त पीपली गांव में एक जलमग्न मकान में से एक 04 सदस्यीय परिवार जिसमें एक गर्भवती महिला, एक बुजुर्ग दम्पति व एक 12 वर्षीय बालक भी सम्मिलित था, को राफ्ट की सहायता से सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया था।

लक्सर में राहत एवम बचाव कार्यों को और प्रभावी बनाने हेतु कमांडेंट SDRF, श्री मणिकांत मिश्रा द्वारा लक्सर पहुँचकर स्वयं समस्त रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाल ली है। उनके द्वारा ऋषिकेश, हरिद्वार, डाकपत्थर, देहरादून व वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट से कुल 05 रेस्क्यू टीमें व एक पेरामेडिक्स टीम के साथ लक्सर जलभराव क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। जहां एक ओर रेस्क्यू टीमें राफ्ट, रिमोटली ऑपरेटेड लाइफबॉय व अन्य फ्लड रेस्क्यू उपकरणों से लैस है वहीं दूसरी ओर पेरामेडिक्स टीम आवश्यक उपचार सामग्री व पर्याप्त मात्रा में दवाइयों के साथ प्रभावितों की सेवा हेतु कटिबद्ध है। प्रभावित लोगों की सहायता हेतु समस्त टीमों के पास पर्याप्त मात्रा में आपदा राहत किट रखा गया है, जिसे स्थिति अनुसार वितरित किया जाएगा। सेनानायक SDRF द्वारा मौके पर राहत एवं बचाव कार्य कर रहे सभी कार्मिकों को निर्देशित किया कि सभी टीम भावना व सकारात्मक ऊर्जा से कार्य करेंगे। प्रभावित लोगों को रेस्क्यू करने के साथ ही उन्हें इन कठिन हालातों का सामना करने के लिए उनका हौसला भी बढ़ाएंगे। जनपद पुलिस, फायर यूनिट, DDRF एवं अन्य बचाव इकाईयों के साथ समन्वय व सहयोग के साथ काम करेंगे। इस समय अलग-अलग यूनिट न समझकर सभी को एक टीम के रूप में प्रभावितों की हर सम्भव सहायता का लक्ष्य रखकर उद्यत रहना है।

रेस्क्यू टीमों में वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट से इंस्पेक्टर सहित फ्लड रेस्क्यू विशेषज्ञ कार्मिक मौके पर राहत एवं बचाव कार्य को गति देने हेतु मौजूद है।

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