ब्लॉग
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केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ रैली
विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडिया’ देश के हितों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए 31 मार्च को दिल्ली के रामलीला…
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मैं हूं मोदी का परिवार- विपक्ष का विरोध हास्यास्पद
अवधेश कुमार मैं हूं मोदी का परिवार टैगलाइन 2024 के चुनाव का एक प्रमुख नारा बन गया है। यह वैसे…
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मौसम की मार से त्रस्त जनजीवन
सुरेश भाई इस जनवरी-फरवरी के 45 दिनों में जिस तरह से कंपकंपाती शीत और पहाड़ों पर बर्फ पडऩी चाहिए थी,…
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शक्ति की असल शक्ति
मेरे लिए तो हर मां-बेटी शक्ति का रूप है। मैं इनको शक्ति के रूप में पूजता हूं और इनकी रक्षा…
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निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की दिशा में उचित कदम
संध्या लोकतंत्र में दलीय विचारधारा के आधार पर एक-दूसरे की नीतियों से असहमति हो सकती है लेकिन जब पार्टियों के…
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अंबानी-अडानी, खरबपतियों का चंदा कहां?
हरिशंकर व्यास कैसी हैरानी की बात है कि मोदी राज में सबसे ज्यादा धंधा खरबपतियों का बढ़ा। अडानी जगत सेठ…
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कठघरे में है सरकार
अगर लगे आरोपों को साक्ष्यों के जरिए साबित कर दिया जाता है, तो फिर इलेक्ट्रॉल बॉन्ड योजना की छवि आजाद…
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 370 सीट जीतने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भाजपा इस बार पूरे देश में मजबूत नेताओं को चुनाव लड़ा रही है। प्रदेश की राजनीति में ही सक्रिय रहे नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों को लोकसभा की टिकट दी गई है। आमतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री सांसद बनते हैं और उनकी पार्टी की केंद्र में सरकार बनती है तो वे मंत्री भी बनते हैं। बहरहाल, भाजपा ने अभी तक 267 उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिसमें उसने आधा दर्जन पूर्व मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारा है। हालांकि दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की टिकट भी कटी है लेकिन उनके बारे में पहले से अंदाजा था। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को इस बार टिकट नहीं मिली है। पिछली बार चुनाव जीते पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को फिर से झारखंड से टिकट दी गई है। हालांकि पिछली बार वे बहुत मामूली अंतर से चुनाव जीते थे। असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल राज्यसभा सांसद हैं। इस बार पार्टी ने उनको लोकसभा चुनाव में उतारा है। ये दोनों पूर्व मुख्यमंत्री केंद्र सरकार में मंत्री हैं। इनके अलावा पांच और पूर्व मुख्यमंत्रियों को टिकट दी गई है। राज्यसभा सांसद और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब को पार्टी ने टिकट दिया है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस बार चुनाव लड़ रहे हैं तो हरियाणा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के दो दिन बाद ही मनोहर लाल खट्टर के नाम का भी ऐलान हो गया। उधर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को भी पार्टी ने चुनाव में उतारा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी इस बार लोकसभा की टिकट मिली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 370 सीट जीतने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भाजपा इस बार पूरे देश में…
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विवादित नेताओं की फिर कटी टिकट
भाजपा में विवादित नेताओं की टिकट कटने का सिलसिला जारी है। पार्टी ने पहली सूची में कई विवादित नेताओं को…
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भाजपा की मंडी में सुरेश पचौरी
हरिशंकर व्यास सुरेश पचौरी को खरीदा नहीं गया होगा। इसलिए क्योंकि बुढ़ापे में भला उनका मूल्य क्या है? मान्यता है…
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