उत्तराखण्ड राज्य को सिनेमा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई

पिछले दो वर्षों में, उत्तराखण्ड राज्य को सिनेमा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई जब ‘सुनपट’ और ‘पाताल-ती’ नामक दो फिल्मों ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया (IFFI,Goa) में देश का बेहद प्रतिष्ठित ‘इंडियन पैनोरमा’ में अपनी जगह बनाई। इस उपलब्धि ने उत्तराखण्ड को विश्व पटल पर प्रस्तुत कर राज्य के फिल्म जगत को नयी संभावनायें तराशने की दिशा दी है। दोनों फिल्में उत्तराखण्ड के दूरस्थ गावों में शूट की गयी हैं और फिल्मों में अभिनय करने वाले गाँव के स्थानीय लोग हैं, जिनके प्रदर्शन ने विभिन्न फिल्म महोत्सव में फिल्म आलोचकों को चकित कर दिया। पिछले साल दिल्ली में हुई ‘सुनपट’ की अनुभूति
उत्तराखण्ड इवेंट में पहली सार्वजनिक स्क्रीनिंग के दौरान लोगों ने स्टैंडिंग ओवेशन से फिल्म को सम्मानित किया था। ये फिल्में उन लोगों के लिए एक विशेष महत्व रखती हैं जो अपने पैतृक गांवों से दूर चले गए है, जिनके माध्यम से वे अपनी जड़ों से फिर से जुड़ पाएं और उस समाज की गहराई को समझ पाएं, जिसे उन्होंने कई साल पहले पीछे छोड़ दिया है। ये फिल्में भौगोलिक और भावनात्मक अंतराल को पाटती हैं, और प्रवासी उत्तराखण्डियों के बीच अपनेपन की भावना को फिर से जगाती हैं। ये फिल्में लोगों में गर्व, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक संवाद की भावना को भी बढ़ावा देती हैं।


