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श्रीगंगानगर में ट्रेन को उड़ाने की बड़ी साजिश नाकाम! अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध ब्लास्ट, ट्रेन गुजरने के बाद हुआ धमाका, 4 ट्रेनें रद्द

धमाके से रेल पटरी के नीचे बने सीमेंट के दो पिलर टूट गए और पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया.

श्रीगंगानगर : राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध विस्फोट का मामला सामने आया है. रामसिंहपुर इलाके में गांव 50 जीबी के पास मंगलवार रात अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर जोरदार धमाका हुआ. विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेलवे पटरी के नीचे लगे सीमेंट के दो स्लीपर पूरी तरह टूट गए और पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया. धमाके से आसपास की गिट्टी भी बिखर गई और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचा. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. पुलिस, रेलवे प्रशासन, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), CID, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और बम निरोधक दस्ते (BDS) की टीमें जांच कर रही हैं.

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जिस रेलखंड पर विस्फोट हुआ, वहां से यात्री ट्रेन गुजरने के करीब 45 मिनट बाद धमाका हुआ था. सुबह अनूपगढ़ से बठिंडा जाने वाली ट्रेन को संभावित निशाना बनाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है. हालांकि, पुलिस ने अभी इसे किसी सुनियोजित साजिश या ट्रेन को उड़ाने की कोशिश के रूप में प्रमाणित नहीं किया है. एसपी हरिशंकर यादव ने स्पष्ट किया है कि विस्फोट के कारणों और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है. FSL और BDS टीमों की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी.

200 मीटर दूर तक सुनाई दी आवाज : रामसिंहपुर इलाके के गांव 50 जीबी के पास मंगलवार रात करीब 9:45 बजे रेलवे ट्रैक पर जोरदार विस्फोट हुआ. धमाके की आवाज करीब 200 मीटर दूर स्थित ढाणी तक सुनाई दी. आसपास रहने वाले किसान और ग्रामीण आवाज सुनकर घरों से बाहर निकल आए. शुरुआत में ग्रामीणों को किसी सड़क हादसे की आशंका हुई, लेकिन जब वे आवाज की दिशा में पहुंचे तो रेलवे ट्रैक के पास विस्फोट होने की जानकारी सामने आई. ग्रामीणों ने तत्काल रेलवे गेटमैन को इसकी सूचना दी. इसके बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस को अवगत करवाया गया. सूचना मिलने पर रात करीब 11 बजे रामसिंहपुर पुलिस और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही बंद करवा दी, ताकि मौके पर मौजूद साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके.

दो सीमेंट स्लीपर टूटे, पटरी के बीच बना दो फीट गहरा गड्ढा : रामसिंहपुर सीआई राम प्रताप के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8:30 बजे अनूपगढ़ से सूरतगढ़ की ओर जाने वाली यात्री ट्रेन रवाना हुई थी. ट्रेन करीब 9 बजे गांव 50 जीबी के आसपास से गुजरी. इसके करीब 45 मिनट बाद रेलवे ट्रैक पर धमाका हुआ. जांच एजेंसियां ट्रेन के गुजरने और विस्फोट के बीच के समय को भी महत्वपूर्ण मानकर पड़ताल कर रही हैं. विस्फोट से रेलवे ट्रैक को काफी नुकसान पहुंचा है. धमाके के कारण पटरी के नीचे लगाए गए सीमेंट के दो स्लीपर पूरी तरह टूट गए. स्लीपरों का कंक्रीट बिखर गया और उनके अंदर लगी लोहे की सरियों का ढांचा बाहर दिखाई देने लगा. विस्फोट के प्रभाव से आसपास की गिट्टी भी बिखर गई और पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया.

रेलवे ट्रैक के नीचे स्लीपर पटरी को आधार और स्थिरता प्रदान करते हैं. ऐसे में इनके टूटने से रेललाइन की सुरक्षा प्रभावित हुई है. इस स्थिति में तकनीकी जांच और जरूरी मरम्मत के बिना इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन सुरक्षित नहीं माना जा सकता. रेलवे के इंजीनियरिंग अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया और नुकसान का जायजा लिया. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट में किस सामग्री का इस्तेमाल किया गया था. इसकी जानकारी FSL की जांच और एकत्र किए गए नमूनों की रिपोर्ट के बाद ही मिल सकेगी.

एसपी हरिशंकर यादव ने ये कहा : घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव स्वयं पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने रेलवे अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया. एसपी के अनुसार, पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है. रेलवे अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं. FSL और BDS की टीमें जांच के लिए बुलाई गई हैं. एसपी हरिशंकर यादव ने बताया कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि विस्फोट किस वजह से हुआ और इसके पीछे क्या मंशा थी?. FSL और BDS टीमों की जांच के बाद ही विस्फोट की प्रकृति और कारणों की पुष्टि हो सकेगी. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट की तीव्रता कितनी थी और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के पीछे किसी की साजिश तो नहीं थी. उन्होंने कहा कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है.

रात को पहुंची IB-CID और ATS की टीम ने संभाला मोर्चा : रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध विस्फोट की सूचना के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया. रात करीब दो बजे इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और CID की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं. इसके बाद रात करीब सवा दो बजे ATS के एडिशनल एसपी सुरेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे. FSL की टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. जांच एजेंसियों ने विस्फोट से जुड़े साक्ष्य और नमूने एकत्रित किए हैं. BDS टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, ताकि विस्फोटक सामग्री से जुड़े संभावित पहलुओं की जांच की जा सके. एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि विस्फोट किस तरह हुआ, इसमें किस सामग्री का इस्तेमाल किया गया और इसके पीछे कोई सुनियोजित मंशा थी या नहीं.

सुरक्षा के मद्देनजर सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलखंड की चार ट्रेनें रद्द : रेलवे ट्रैक पर विस्फोट और सुरक्षा एजेंसियों की जांच को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने बुधवार को सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलखंड पर संचालित होने वाली चार रेलसेवाएं रद्द कर दीं. उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, अपरिहार्य कारणों से इन रेल सेवाओं का संचालन उनके प्रारंभिक स्टेशन से नहीं किया जाएगा. रद्द की गई रेलसेवाओं में गाड़ी संख्या 59711 सूरतगढ़-अनूपगढ़, 59712 अनूपगढ़-सूरतगढ़, 59715 सूरतगढ़-अनूपगढ़ और 59716 अनूपगढ़-सूरतगढ़ शामिल हैं. इन ट्रेनों का संचालन 4 नवंबर को बंद रहेगा. रेल सेवाएं रद्द होने से सूरतगढ़, अनूपगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. इस रेलखंड पर दैनिक आवागमन करने वाले यात्रियों को अब वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना होगा. रेलवे की ओर से सुरक्षा और तकनीकी जांच के बाद ही रेल यातायात बहाल करने का निर्णय लिया जाएगा.

अक्टूबर में मिला था 7.750 किलो RDX और हथियारों का जखीरा : श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर हुए इस संदिग्ध विस्फोट के बीच अक्टूबर में रावला मंडी क्षेत्र में पकड़े गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री का मामला भी चर्चा में आ गया है. पाकिस्तान सीमा से सटे रावला क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन के जरिए गिराई गई खेप से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की थी. बरामद सामग्री में 7.750 किलोग्राम RDX, दो पिस्तौल, चार मैगजीन, करीब 867 कारतूस, पांच बैटरियां और दो रिमोट शामिल थे. इस बरामदगी के बाद भी सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और संभावित आतंकी साजिशों को लेकर जांच एजेंसियां सतर्क हुई थीं. हालांकि, रावला में हुई विस्फोटक सामग्री की बरामदगी और रामसिंहपुर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर हुए संदिग्ध विस्फोट के बीच किसी तरह का संबंध होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल, FSL रिपोर्ट से खुलेगा राज : रेलवे ट्रैक पर हुए इस संदिग्ध विस्फोट ने सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सीमेंट के स्लीपर तोड़ने और पटरी के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बनाने वाला विस्फोट किस सामग्री से किया गया. क्या इसका उद्देश्य रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाना था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी? ट्रेन गुजरने के करीब 45 मिनट बाद विस्फोट होने के पीछे क्या वजह थी? इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस, रेलवे, CID, IB, ATS, FSL और BDS की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं. विस्फोट के नमूनों की फॉरेंसिक जांच, रेलवे ट्रैक को हुए नुकसान का तकनीकी आकलन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी. सीमावर्ती जिले में रेलवे लाइन पर हुई इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.

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