Newsbeatआपका शहरउत्तराखंडखबर हटकरट्रेंडिंग खबरेंताज़ा ख़बरन्यूज़सोशल मीडिया वायरल

उत्तराखंड में स्कूल का निरीक्षण करने गई थी टीम, आपत्तिजनक टिप्पणी से हो गया विवाद, जानिए पूरा मामला?

कालाढूंगी स्थित अटल आदर्श विद्यालय में पानी और टॉयलेट की सुविधा का निरीक्षण, फाउंडेशन के सदस्यों और स्कूल प्रबंधन के बीच हुई तीखी बहस

हल्द्वानी: कालाढूंगी के अटल आदर्श विद्यालय में छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. कुछ दिन पहले छात्रों और अभिभावकों की शिकायत पर रोड हंटर्स फाउंडेशन के सदस्यों ने विद्यालय का निरीक्षण किया. फाउंडेशन का आरोप है कि स्कूल परिसर में पानी की टंकी में गंदगी मिली. जबकि, छात्रों के लिए पर्याप्त टॉयलेट सुविधा भी नहीं थी. निरीक्षण के दौरान फाउंडेशन सदस्यों और स्कूल प्रबंधन के बीच तीखी बहस होने की बात सामने आई है. आरोप है कि आईडी कार्ड को लेकर प्रिंसिपल ने फाउंडेशन सदस्यों पर आपत्तिजनक टिप्पणी तक कर दी.

स्कूल निरीक्षण के दौरान विवाद: दरअसल, कालाढूंगी के अटल आदर्श विद्यालय में छात्रों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर विवाद सामने आया है. मामला कुछ दिन पहले का बताया जा रहा है, जब छात्रों और अभिभावकों की शिकायत के बाद रोड हंटर्स फाउंडेशन के सदस्य विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे.

स्कूल की पानी की टंकी में दिखी गंदगी: फाउंडेशन के सदस्यों का दावा है कि निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में रखी पानी की टंकी में गंदगी दिखाई दी. उनका आरोप है कि छात्रों के लिए टॉयलेट की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है. जिससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

आपत्तिजनक शब्दों से बढ़ा मामला: इसी दौरान विद्यालय पहुंची फाउंडेशन की टीम और स्कूल के प्रधानाचार्य के बीच विवाद हो गया. फाउंडेशन सदस्यों के मुताबिक, प्रधानाचार्य उनके अचानक विद्यालय में पहुंचने से नाराज हो गए और उन्होंने टीम से आईडी कार्ड दिखाने को कहा. आरोप है कि आईडी कार्ड को लेकर हुई बहस के दौरान प्रधानाचार्य ने फाउंडेशन के सदस्यों के लिए कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें आतंकवादी तक कह दिया.

अभिभावकों से मिली थी शिकायत: फाउंडेशन का कहना है कि उसका उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों से मिली शिकायतों के आधार पर विद्यालय की व्यवस्थाओं को देखना था, न कि स्कूल में किसी तरह का विवाद पैदा करना. अब पूरे मामले में सवाल ये है कि अगर विद्यालय में पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें हैं, तो उनकी जांच और समाधान कब होगा?

“अभिभावकों और छात्रों की शिकायत पर फाउंडेशन के सदस्य स्कूल पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने जिस टंकी का पानी छात्र पीते थे, उसे खोल कर देखा तो वो काफी गंदी पाई गई. इसके अलावा छात्रों के लिए स्कूल में शौचालय भी नहीं है. जिसको लेकर संस्था के सदस्यों ने प्रिंसपल से बातचीत करनी चाही, तो वो संस्था के सदस्यों पर आग बबूला हो गए और उनकी टीम को आतंकवादी होने का आरोप तक लगा दिया. हमारा यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.”
– करन अरोड़ा, संचालक, रोड हंटर्स फाउंडेशन

खंड शिक्षा अधिकारी का बयान: वहीं, रोड हंटर्स फाउंडेशन के सदस्यों के साथ प्रधानाचार्य के कथित व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. गौर हो कि फाउंडेशन की ओर से उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों कि दयनीय स्थिति को लेकर मुहिम छेड़ी हुई है. फाउंडेशन के संचालक करन अरोड़ा का कहना है कि यह अभियान रूकने वाला नहीं है. यह लगातार जारी रहेगा.

“इस तरह की कोई घटना मेरे संज्ञान में नहीं है. अगर ऐसी कोई शिकायत मिलती है, तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.”
– तारा सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी

Related Articles

Back to top button