JEE ADVANCED RESULT : 61 पर क्लोज हो सकती है IIT बॉम्बे की CS ब्रांच, 17,000 रैंक तक भी एडमिशन

जेईई एडवांस्ड 2026 परिणाम जारी होने के बाद जानिए अपनी रैंक के अनुसार बेस्ट कॉलेज और मनपसंद ब्रांच की पूरी संभावना.![]()
कोटा : जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित होते ही देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में प्रवेश की दौड़ शुरू हो गई है. आईआईटी रुड़की द्वारा आयोजित इस परीक्षा में इस साल कुल 1,79,694 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 56,880 स्टूडेंट्स को काउंसलिंग के लिए योग्य घोषित किया गया है. इन सफल उम्मीदवारों के लिए जोसा (JoSAA) काउंसलिंग की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो रही है.
कोटा के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान के करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि यदि कैटिगरी (Category-wise) आंकड़ों को देखें, तो इस साल जनरल कैटेगरी से 15,883, ओबीसी से 12,385, ईडब्ल्यूएस से 6,377, एससी से 15,856 और एसटी कैटेगरी से 6,379 विद्यार्थी योग्य घोषित किए गए हैं. इस बार पिछले साल के मुकाबले 2,502 ज्यादा कैंडिडेट्स ने क्वालीफाई किया है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है.
आईआईटी बॉम्बे सीएस की चमक बरकरार : अमित आहूजा ने बताया कि जेईई-एडवांस्ड के रिजल्ट के बाद अब विद्यार्थियों और अभिभावकों में सबसे बड़ी उत्सुकता कॉलेज और ब्रांच के चयन की है. टॉपर्स की पहली पसंद हमेशा की तरह इस बार भी आईआईटी बॉम्बे की कंप्यूटर साइंस (CS) ब्रांच बनी हुई है. ट्रेंड्स को देखते हुए उम्मीद है कि यह ऑल इंडिया रैंक (AIR) 61 पर ही क्लोज हो जाएगी. वहीं, निचली रैंकिंग वाले विद्यार्थियों को 17,000 ऑल इंडिया रैंक तक भी आईआईटी में सीटें मिलने की संभावना है. साल 2025 की काउंसलिंग में 18,160 सीट 23 आईआईटी में थी, इस बार यह सीट कुछ बढ़ सकती है. जोसा काउंसलिंग में जारी होने वाली सीट मैट्रिक्स में इसका खुलासा होगा.
दूसरी तरफ आईआईटी की ब्रांच मिलने की संभावनाएं कैटेगरी अनुसार बदलाव होती है. साथ ही छात्राओं को दिए गए 20 प्रतिशत फी-मेल पूल कोटे से इन आईआईटी में ब्रांच मिलने की संभावनाएं काफी पीछे की रैंक तक बन जाती है. ऐसे विद्यार्थी जिनकी जेईई-एडवांस्ड आल इंडिया रैंक काफी पीछे है, उन्हें जेईई-एडवांस्ड के आधार पर आईआईपीई विशाखापट्टनम, राजीव गांधी पेट्रोलियम में आवेदन के विकल्प उपलब्ध हैं. इन सभी संस्थानों की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
रैंक के अनुसार समझें: कहां और क्या मिलेगी ब्रांच? :-
- ऑल इंडिया रैंक (AIR) 100 से कम है, उन्हें टॉप आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर, मद्रास में कम्प्यूटर साइंस मिलने की संभावना है. विद्यार्थियों की पहली पसंद आईआईटी मुम्बई सीएस ब्रांच रहती है, जो कि टॉप-61 पर क्लॉज हो जाती है। इसके बाद दूसरी प्राथमिकता दिल्ली सीएस को स्टूडेंट देते हैं. तीसरी प्राथमिकता में कानपुर और मद्रास की कम्प्यूटर साइंस ब्रांच को दी जाती है.
- 100 से 500 रैंक के मध्य दिल्ली, कानपुर की एमएनसी, एआई , डाटा साइंस उपरोक्त चारों आईआईटी की इलेक्ट्रीकल, खड़गपुर की सीएस मिल सकती है।
- 500 से 1000 के मध्य बीएचयू, रुड़की, हैदराबाद, गुवाहाटी की सीएस, मुम्बई, दिल्ली, कानपुर की कोर ब्रांच मिलने की संभावना है।
- 1000 से 4000 के मध्य रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गांधी नगर, इंदौर, रूपड़, मंडी, जोधपुर, धनबाद, पटना, भुवनेश्वर में कम्प्यूटर साइंस एवं मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, खड़गपुर आईआईटी में कम्प्यूटर साइंस के अतिरिक्त अन्य ब्रांचें मैकेनिकल, कैमिकल, सिविल, एयरोस्पेस, प्रोडक्शन आदि मिलने की संभावना रहती है।
- 4000 से 8000 के मध्य रुड़की, गुवाहाटी, खड़गपुर, हैदराबाद, वाराणसी में सिविल, कैमिकल, मेटलर्जी व मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, मद्रास में लोअर ब्रांचेंज, पलक्कड़, तिरुपति, गोवा, धाड़वाड़, भिलाई, जम्मू में सीएस मिलने की संभावना बन सकती है।
- 8000 से 12000 के मध्य रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को रोपड़, मंडी, इंदौर, गांधीनगर, जोधपुर, भुवनेश्वर, पटना, धनबाद में कोर ब्रांच के अतिरिक्त अन्य ब्रांचों के साथ-साथ पुराने सात आईआईटी में बॉयलोजिकल साइंस, नेवल आर्किटेक्चर, माइनिंग इंजीनियरिंग, पॉलीमर साइंस, सिरेमिक इंजीनियरिंग जैसी ब्रांचें मिलने की संभावना रहती है।
- 12 से 17 हजार के मध्य रैंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को नई आईआईटी जैसे पलक्कड़, तिरुपति, गोवा, धाड़वाड़, भिलाई, जम्मू की अन्य ब्रांचेज में आसानीसे दाखिला मिलस सकता है.


