उत्तराखंड

“अब अगली परीक्षा को लेकर सतर्क आयोग: सुरक्षा व्यवस्था होगी सख्त, अभ्यर्थियों को दो घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य”

यूकेएसएसएससी की 21 सितंबर को स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के दौरान हरिद्वार के एक केंद्र में प्रश्न पत्र के तीन पन्ने बाहर आने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इस मामले की जांच चल रही है। लेकिन अब आयोग पांच अक्तूबर को दूसरी परीक्षा के लिए जुटा हुआ है।

स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के चलते फिलहाल लटक गई है लेकिन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अब अगली परीक्षा की तैयारी में जुट गया है। पांच अक्तूबर को सहकारी समितियों में सहकारी निरीक्षक वर्ग-2 और सहायक विकास अधिकारी सहकारिता के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा होने जा रही है।

परीक्षा के लिए अब सभी तरह की जांच पड़ताल प्रवेश द्वार पर ही होगी। लिहाजा, सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए कम से कम दो घंटे पहले अनिवार्य तौर पर परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। नहीं तो वे चेकिंग का हिस्सा न बन पाएंगे और परीक्षा से वंचित रह सकते हैं। आयोग इसके लिए प्रवेश पत्र जारी करने जा रहा है।

यूकेएसएसएससी ने 21 सितंबर को स्नातक स्तरीय परीक्षा कराई थी, जो पेपर लीक प्रकरण में फंस गई है। मामले की एसआईअी जांच कर रही है। सरकार ने फिलहाल परीक्षा की उत्तर कुंजी व रिजल्ट समेत सभी प्रक्रियाएं एक माह के लिए रोकी हुई हैं। लिहाजा, आयोग अब पांच अक्तूबर की परीक्षा के लिए जुटा हुआ है।

45 पदों के लिए होने वाली परीक्षा कम अभ्यर्थी होने के कारण केवल देहरादून और नैनीताल के परीक्षा केंद्रों पर होगी। आयोग पुरानी सभी खामियों को दुरुस्त करते हुए इसका आयोजन करेगा। दोनों जिलों के डीएम को पत्र भेजा गया है कि वे सभी परीक्षा केंद्रों को अपने स्तर से जांच परख लें। कहीं कोई गड़बड़ी की आशंका नहीं होनी चाहिए।
एक दिन पहले होगा परीक्षा का रिहर्सल
आयोग पांच अक्तूबर की परीक्षा के लिए एक दिन पहले सभी केंद्रों पर रिहर्सल कराएगा। मकसद ये है कि सभी तरह की चूक को पकड़ा जा सके। अगर जैमर आदि की पूरी चेकिंग हो सके। परीक्षा केंद्रों पर रात को भी चौकीदार तैनात किए जाएंगे। एक दिन पहले पुलिस की विशेष जांच भी होगी। परीक्षा से दो घंटे पहले भी पुलिस का यह जांच अभियान हर केंद्र व आसपास चलेगा।

जैमर को लेकर कोताही बर्दाश्त नहीं
आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया का कहना है कि जैमर को लेकर संबंधित ईसीआईएल कंपनी से बातचीत हुई है। उन्हें स्पष्ट किया गया है कि लेटेस्ट तकनीकी वाले जैमर ही लगाए जाएं। जैमर के स्तर पर भी कोई कोताही बर्दाश्त न होगी। जैमर केवल परीक्षा कक्ष ही नहीं बल्कि वॉशरूम में भी लगाए जाएंगे।

जो कमियां स्नातक स्तरीय परीक्षा में दिखाई दीं, उनको दूर करेंगे। इस बार हम जैमर से लेकर किसी भी स्तर की तैयारियां एक दिन पहले ही परखेंगे।

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